ध्याये नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारूचंद्रां वतंसं।
रत्नाकल्पोज्ज्वलांगं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम।।
पद्मासीनं समंतात् स्तुततममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं।
विश्वाद्यं विश्वबद्यं निखिलभय हरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम्।।
सर्वमनोकामना की सिद्धि प्रदान करने वाले श्री “कल्केश्वर महादेव” का श्रावण मास के शुभारम्भ तिथि पर श्री कल्किपीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने लोकमंगल की भावना से महाअभिषेक करते हुए भगवान् महादेव का अर्चन संपन्न किया।