|| कलियुग का उद्धार - श्री कल्कि अवतार || 

|| कलियुग का उद्धार - श्री कल्कि अवतार || 

लंबी प्रतीक्षा के बाद श्री कल्कि धाम की नींव भरने के कार्य का शुभारंभ

लंबी प्रतीक्षा के उपरांत श्री कल्कि धाम के निर्माण कार्य ने एक नया अध्याय रचा। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस की मंगल वेला में पूज्य गुरुदेव श्री कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम जी के पावन सान्निध्य में धाम की नींव भराई के कार्य का शुभारंभ भव्य और दिव्य विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ।
धाम की दिव्यता और स्थायित्व को सुनिश्चित करने हेतु 21 फीट गहरी भूमि में 100-100 क्विंटल की विशालकाय शिलाओं को आधारशिला के रूप में स्थापित किया गया। यह अद्वितीय कार्य अपने आप में भव्यता और परंपरा का संगम है।

इस पुण्य अवसर पर एक विशेष अनुष्ठान भी सम्पन्न हुआ। धाम की नींव में रखी जाने वाली इन महान शिलाओं पर नौ देवी स्वरूपा कन्याओं के पावन हस्तचिह्न अंकित कर पूजन और वंदन किया गया। यह परंपरा मातृशक्ति के आशीर्वाद और देवी स्वरूपा ऊर्जा को धाम की नींव में संकल्पित करने का प्रतीक है।

इस भव्य अनुष्ठान की गरिमा को और बढ़ाने हेतु दूधेश्वर पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरी जी महाराज, रामपुर से विधायक श्री आकाश सक्सेना जी, उदयपुर फाइल्स फ़िल्म के प्रोड्यूसर श्री अमित जानी जी, क्षेमनाथ मंदिर के महंत स्वामी दीनानाथ जी महाराज तथा महामंडलेश्वर स्वामी हरमनोज दास जी महाराज ने भी अपनी पावन उपस्थिति से इस आयोजन को विशेष बना दिया।
आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने इस अवसर पर कहा कि “यह नींव केवल पत्थरों की नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और राष्ट्र की नई चेतना की नींव है। श्री कल्कि धाम आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति और धर्मनिष्ठ जीवन की प्रेरणा देता रहेगा।